डेजा वू क्या है? क्या आपने इसे महसूस किया? Déjà VU Information In Hindi

कभी-कभी ऐसी घटनायें घटित होती हैं जिन्हें देख कर ऐसा लगता है मानो यह पहले भी हो चुका है.लेकिन यह याद नहीं रहता कि ऐसा कब और कहाँ हुआ था?

2004 में हुए एक रिसर्च में यह बात सामने आयी कि दो तिहाई जनसंख्या ने इसे अनुभव किया है.क्या आपने कभी इसे महसूस किया या नहीं नीचे कमेंट कर के बता सकते है.

इस तरह कि घटना को विज्ञान कि दुनिया में क्या कहते है? इसके होने के पीछे कारण क्या है ? आज हम इसी के बारे में बात करने वाले है.तो आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ियेगा जिससे आपके सभी सवालों के जवाब मिल सके.

डेजा वू क्या है? What Is Déjà VU In Hindi

कभी कभी हम ऐसा महसूस करते हैं कि जो आज हमारे साथ हो रहा है उसे हम पहले भी देख चुके हैं, लेकिन हमें यह याद नहीं आता कि ऐसा कब हुआ था.बस एक धुंधली सी याद रहती है.इस तरह के घटना को विज्ञान कि दुनिया में डेजा वू (Deja VU) कहते हैं.

Déjà VU एक फ्रेंच शब्द है जिसका मतलब पहले से देखा हुआ होता है.यह बहुत थोड़े समय के लिए अनुभव होता है.उसके बाद सब कुछ पहले जैसा हो जाता है.

मैं कुछ उदाहरण देता हूँ जिससे आपको समझने में आसानी होगी-

  • आप अपने दोस्तों के साथ किसी जनरल टॉपिक पर बात कर रहे होते हैं, बात करते हुए आपको ऐसा लगने लगता है जैसे यह सब बात आप पहले कर चुके हैं….

और वही सब बातें दोबारा से हो रही हैं.फिर कुछ ही क्षणों बाद आप अपने वर्तमान स्थिति में आ जाते है.और आपको     भूतकाल कि बातें जो याद आ रही थी, अब आना बंद हो जाती है.

  • आप कहीं पहली बार घुमने गये हों और घुमते-घुमते आपको ऐसा लगने लगता है, जैसे आप इस जगह को जानते है. उस जगह से जुडी कुछ यादें आपके आँखों के सामने घूमने लगती हैं.और कुछ ही क्षणों बाद जो यादें थी धुंधला होने लगती है…. और धीरे धीरे करके पुरानी बातें दिमाग से निकल जाती है.

जबकि आप वहां पहली बार गये होते है.फिर भी कुछ ऐसा होता हैं जो आपको एहसास दिलाता है जैसे बातें पुरानी (भूतकाल) हों और वही सब बातें दुबारा से दोहरायी जा रही हों.

अब आप समझ गये होंगे इस तरह कि परिस्थितियों को ही डेजा वू  कहते है.

डेजा वू क्यों होता है? Deja VU होने के पीछे असली वहज क्या है?

कुछ शोधकर्ताओं ने डेजा वू होने का कारण दिमागी असंतुलन बताया लेकिन वे Deja VU और Mental Disorders के बीच किसी भी तरह के कनेक्शन को सिद्ध करने में असमर्थ रहें.जिससे यह बात साफ़ जाहिर होता है कि डेजा वू का होना किसी भी तरह का मानसिक बीमारी का लक्षण नहीं है.

कुछ researchers का ऐसा भी मानना है कि दिमाग में सही तरीके से electrical discharge नहीं होने के कारण मस्तिष्क को झटके लगते हैं जिससे डेजा वू महसूस होता है लेकिन इसके लिए भी कोई प्रमाणित साक्ष्य प्रस्तुत नहीं कर पायें जिस पर विश्वास किया जा सके.

चूँकि डेजा वू एक अनैक्षिक क्रिया है इसे किसी भी तरह से force कर के महसूस नहीं किया जा सकता.यह किसके साथ कब महसूस होगा कुछ नहीं बताया जा सकता.जो वैज्ञानिको के लिए सबसे बड़ी चुनौती साबित हो रही है.

कुछ लोग डेजा वू को पुनर्जन्म से जोड़ते है तो कुछ लोगों का पुनर्जन्म में विश्वास नहीं है.

अगर हम बात करें डेजा वू के किसी एक परफेक्ट reason का तो यह बता पाना मुश्किल है क्योंकि सभी शोधकर्ताओं के deja vu को लेकर अपने अपने मत है, अभी तक कोई ठोस सबूत नहीं मिला है जो यह बता सके कि आखिर डेजा वू के होने का असली कारण क्या है.Déjà vu होने का कारण आज भी रहस्यमय बना हुआ है.

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धन्यवाद.

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